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Motivation

अगर मौत से डर जाता तो उसी दिन सीखना बंद कर देता। 

स्वामी राम भारत के बाहर यात्रा में पहली दफा गये थे। जिस जहाज पर वे यात्रा कर रहे थे, उस पर एक बूढ़ा जर्मन था, जिसकी उम्र कोई 90 साल होगी। उसके सारे बाल सफेद हो चुके थे, उसकी आंखों में 90 साल की स्मृति…

Guide, Lifestyle

भरपूर रस लो जीवन का | ताओ उपनिषद, भाग : 6 

लाओत्से कहता है : लोग अपने भोजन में रस लें। अपनी पोशाक सुंदर बनाएं। अपने घरों में संतुष्ट रहें। अपने रीति – रिवाज का मजा लें। लाओत्से यह कह रहा है, कर लो सब चीजें सरल; कुछ हर्जा नहीं है। भोजन में रस लो। न…

भरपूर रस लो जीवन का | ताओ उपनिषद, भाग : 6 
महत्वपूर्ण विचार केवल वह है जो तुममें पैदा होता है, तुम्हारे भीतर विकसित होता है 
धरती की ओर वापसी | YOGA TIPS 
जब तक कि तुम पूर्ण नहीं हो, तुम पवित्र नहीं हो। OSHO 
लोगों को भविष्य के प्रति बेखबर रखने में राजनेताओं और पंडित -पुजारियों के निहित स्वार्थ OSHO 
सैकड़ों चलते हैं लेकिन मुश्किल से एक पहुंचता है-वह भी दुर्लभ है | ओशो कथा सागर 
शांति की खोज | शांति कैसे मिले? | शांति और अशांति 
निर्विचार होने का उपाय है: विचारों के प्रति साक्षी-भाव को साधना। 
जिसे तुमने प्रेम समझा, वह अंत नहीं है। अभी इश्क के इम्‍तिहां और भी हैं | OSHO 
अहंकार का त्याग कैसे करें ? OSHO 
जब तक कि तुम पूर्ण नहीं हो, तुम पवित्र नहीं हो। OSHO 
निर्विचार होने का उपाय है: विचारों के प्रति साक्षी-भाव को साधना। 
जिसे तुमने प्रेम समझा, वह अंत नहीं है। अभी इश्क के इम्‍तिहां और भी हैं | OSHO 
अहंकार का त्याग कैसे करें ? OSHO 
ओशो का वह प्रवचन, जि‍सपर ति‍लमि‍ला उठी थी अमेरि‍की सरकार और दे दि‍या जहर 
तो क्या सत्य की खोज में किसी भी सहारे की कोई जरूरत नहीं है? OSHO 
“मैं कौन हूं?” इसका कोई उत्तर नहीं है; यह उत्तर के पार है। 
प्रश्न:- क्या प्रेम के बिना समर्पण हो सकता है? 
तुम जीवन में बहुत कुछ खो देते हो क्योंकि तुम्हारा सिर सदा बात करता रहता है। OSHO 
यदि आप अपने जीवन को संपूर्णता से जीना चाहते हैं, ध्यान इसी जानने की ओर एक कदम है। OSHO 
सैकड़ों चलते हैं लेकिन मुश्किल से एक पहुंचता है-वह भी दुर्लभ है | ओशो कथा सागर 
मैं नहीं चाहता कि तुम संपूर्ण हो जाओ। OSHO 
ओशो – एक विवादित संन्यासी की जीवनकथा | Osho biography 
बुद्धत्व और कुछ नहीं बस इतना ही है कि हर चीज वैसी ही है जैसी होनी चाहिए। OSHO 
मुझे स्कालरशिप चाहिए थी। बजाय लंबे रास्तों के, मैं सीधे वाइस चांसलर के दफ्तर में पहुंच गया। OSHO 
पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 
स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 
जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 
पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 
ओशो का कहना है कि व्यक्ति एक रात या दिन में कम से कम चार बार संभोग कर सकता है। OSHO 
महत्वपूर्ण विचार केवल वह है जो तुममें पैदा होता है, तुम्हारे भीतर विकसित होता है 
दुनिया भर में राजनीति सिर्फ बचकाने लोगों को आकर्षित करती है। OSHO 
आस-पास के लोग अभी भी पागल ही समझते हैं एक-दूसरे को। OSHO 
ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र कौन हैं हम ? OSHO 
ज्योतिष के नाम पर सौ में से निन्यानबे धोखाधड़ी है। और वह जो सौवां आदमी है – OSHO 
शांति की खोज | Hindi Osho Story About Search Of Peace 
अचेतन में प्रवेश की विधि 
वैराग्य नहीं , राग को गहरा करने की कला सीखना: ओशो 
श्वास ध्यान मे संबंध – ओशो 
दुख पैदा होता है क्योंकि हम बदलाव को होने नहीं देते। OSHO 
मुझे स्कालरशिप चाहिए थी। बजाय लंबे रास्तों के, मैं सीधे वाइस चांसलर के दफ्तर में पहुंच गया। OSHO 
कोई स्त्री किसी पुरुष से जाकर सीधा नहीं कहती कि मैं तुम्हें प्रेम करती हूं। प्रतीक्षा करती है कि पुरुष उससे कहें। OSHO 
लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं । रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? OSHO 
पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 
स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 
यह प्रश्‍न भारतीय स्‍त्री का है – मेरे बदन में बहुत काम-ऊर्जा है। कैसे मैं अपनी ऊर्जा को सृजनात्‍मकता दूँ। OSHO 
उदासी, चिंता, क्रोध, क्लेश और हताशा, दुख के साथ एकमात्र समस्या यह है कि तुम इन सबसे छुटकारा पाना चाहते हो 
आदमी को, स्वाभाविक रूप से, एक शाकाहारी होना चाहिए, क्योंकि पूरा शरीर शाकाहारी भोजन के लिए बना है। 
ओशो साहित्य | चल ओशो के गाँव में |‘जहाँ ध्यान प्रेम की छांव है, वही ओशो का गांव है। OSHO 
मृत्यु दंड। मैं इसे दंड नहीं कह सकता, यह अपराध है। OSHO 
लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं । रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? OSHO 
पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 
स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 
जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 
पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 
ओशो का कहना है कि व्यक्ति एक रात या दिन में कम से कम चार बार संभोग कर सकता है। OSHO 
गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है तभी मैं अपने को असहाय पाता हूं OSHO 
उदासी, चिंता, क्रोध, क्लेश और हताशा, दुख के साथ एकमात्र समस्या यह है कि तुम इन सबसे छुटकारा पाना चाहते हो 
आदमी को, स्वाभाविक रूप से, एक शाकाहारी होना चाहिए, क्योंकि पूरा शरीर शाकाहारी भोजन के लिए बना है। 
उदासी उतना उदास नहीं करती, जितना उदासी आ गई, यह बात उदास करती है। OSHO 
शांति की खोज | शांति कैसे मिले? | शांति और अशांति 
इधर कुछ दिनों से मैं बहुत उदास रहने लगा हूं — अकारण। OSHO 
पहला आपरेशन था पूरी पृथ्वी पर, जो बिना बेहोशी की दवा दिए किया गया। OSHO 
तुम जिम्मेदारी शब्द का अर्थ तक नहीं समझते। OSHO 
दुनिया में चेतना नहीं है। यह एक सामूहिक बेहोशी है। – OSHO 
जनसंख्या विस्फोट – Population explosion OSHO 
सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि हर आदमी किसी और जैसा होना चाह रहा है OSHO 
पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 
स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 
पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 
बिना सेक्स के किसी जीव की उत्त्पत्ति और वंश का विकास संभव नहीं है OSHO 
कामुकता – एक बिन तराशा हीरा 
OSHO ने SEX के बारे में ऐसी बातें बताई हैं, कोई भी गुरु ने कभी कहा नहीं था. 
जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 
पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 
ओशो का कहना है कि व्यक्ति एक रात या दिन में कम से कम चार बार संभोग कर सकता है। OSHO 
यह प्रश्‍न भारतीय स्‍त्री का है – मेरे बदन में बहुत काम-ऊर्जा है। कैसे मैं अपनी ऊर्जा को सृजनात्‍मकता दूँ। OSHO 
धन और सेक्स : धन में शक्ति है, इसलिए धन का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। OSHO 
“प्रभु कृपा का एहसास कैसे हो?” – मा ओशो प्रिया 
संभोग : परमात्‍मा की सृजन-ऊर्जा—(भाग–1) प्रेम क्‍या है? Osho 
प्रश्न:- क्या प्रेम के बिना समर्पण हो सकता है? 
गुरजिएफ कहता है, “तुम मात्र शरीर के और कुछ नहीं 
प्रेम तब निर्दोष होता है जब उसमें कोई वजह नहीं होती। 
दुख पैदा होता है क्योंकि हम बदलाव को होने नहीं देते। OSHO 
तुम्हारे माता-पिता कुछ कर रहे थे क्योंकि उन्हें वे चीजें करना सिखाया गया था। OSHO 
तुम जिम्मेदारी शब्द का अर्थ तक नहीं समझते। OSHO 
जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 
पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 
ओशो साहित्य | चल ओशो के गाँव में |‘जहाँ ध्यान प्रेम की छांव है, वही ओशो का गांव है। OSHO 
सचेत हो जाओ! सम्बन्ध प्रेम को नष्ट कर देता है, वह उसके जन्म की सारी संभावनाओं को नष्ट कर देता है। 
पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 
उदासी उतना उदास नहीं करती, जितना उदासी आ गई, यह बात उदास करती है। OSHO 
वजन शरीर का होता है, तुम्हारा नहीं। तुम वजन रहित हो। 
तुम एक स्त्री या एक पुरुष के प्रेम में पड़ते हो, क्या तुम सही-सही बता सकते हो कि इस स्त्री ने तुम्हें क्यों आकर्षित किया? 
“इंद्रधनुष जैसा है प्रेम !” – ओशो 
“प्रभु कृपा का एहसास कैसे हो?” – मा ओशो प्रिया 
असली बात है प्रेम। दान और प्रेम पर्यायवाची हैं, दान और धन पर्यायवाची नहीं हैं 
ओशो – भीतर कुछ और बाहर कुछ ! 
सभी प्रेम चाहते हैँ फिर भी प्रेम का अकाल क्योँ है? OSHO Times | Emotional Ecology 
क्यों है मन में ऊबाऊपन Why is boredom in mind – Osho 
“रात्रि ध्यान” खासकर उनके लिए जिन्हें अनिद्रा की तकलीफ हो। – ओशो 
जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 
ओशो साहित्य | चल ओशो के गाँव में |‘जहाँ ध्यान प्रेम की छांव है, वही ओशो का गांव है। OSHO 
सचेत हो जाओ! सम्बन्ध प्रेम को नष्ट कर देता है, वह उसके जन्म की सारी संभावनाओं को नष्ट कर देता है। 
“प्रभु कृपा का एहसास कैसे हो?” – मा ओशो प्रिया 
“Garrick Clothing and Garland Use in Sociology!” – Osho 
अवधान को बढ़ाना 
जब से मैं प्रेम में हूं, मैं अकेलापन और जरूरतमंद महसूस नहीं करता। OSHO Times | The Other: Myself 
दांतों के संबंध में TEETHING TROUBLES 
OSHO Dynamic Meditation 

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Health, Yoga

धरती की ओर वापसी | YOGA TIPS 

आधुनिक मनुष्य के लिए यह एक सर्वाधिक प्रचलित समस्या हो गई है; पूरी मनुष्यता  ऐसे पीड़ित हो रही है, जैसे उसकी जड़ें उखड़ गईं हों। जब तुम इसके प्रति जागरूक होओगे, तुम्हें अपने पैरों में सदैव एक कंपन, एक अनिश्चितता महसूस होगी, क्योंकि पैर वास्तव…

Health, Love, Motivation, Music

लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं । रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? OSHO 

कैसी-कैसी विडंबनाऐं(imitation) पेैदा हो जाती है। लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं, शायद पैसा देने से मिल जाएगा। रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? प्यार को तो खरीदा नहीं जा सकता। लोग सोचते हैं, जब हम…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation, Music...

पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 

बुनियादी भूल जो सारी शिक्षा और सारी सभ्यता को खाए जा रही है, वह यह है कि अब तक के जीवन का सारा निर्माण पुरुष के आसपास हुआ है, स्त्री के आसपास नहीं। अब तक की सारी सभ्यता, सारी संस्कृति, सारी शिक्षा पुरुष ने निर्मित…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation

स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 

पहली दफा दुनिया में एक स्वतंत्रता की हवा पैदा हुई है, लोकतंत्र की हवा पैदा हुई है और स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं। मगर मजा भी यह है कि पुरुषों की छाती पर साँप…

Health, Lifestyle, Osho On Topics, Sex Osho Thought, Yoga

जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 

भीतर मत लो श्वास को। क्योंकि जैसे भी तुम भीतर गहरी श्वास को लोगे, भीतर जाती श्वास काम-ऊर्जा को नीचे की तरफ धकाती है। जब तुम्हें काम-वासना पकड़े, तब एक्सहेल करो। बाहर फेंको श्वास को। नाभि को भीतर खींचो, पेट को भीतर लोग और श्वास…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Motivation, Osho On Topics, Sex Osho Thought...

पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 

स्त्री पहली बार चरित्रवान हो रही है—ओशो ओशो—तुम्‍हारे चरित्र का एक ही अर्थ होता है, बस कि स्‍त्री पुरूष से बंधी रहे, चाहे पुरूष कैसा ही गलत हो। हमारे शास्‍त्रों में इसकी बड़ी प्रशंसा की गई है। कि अगर कोई पत्‍नी अपने पति को—बूढ़े, मरते,…

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ओशो का कहना है कि व्यक्ति एक रात या दिन में कम से कम चार बार संभोग कर सकता है। OSHO 

ओशो कहते थे- लड़के-लड़कियों को अलग हॉस्‍टल में रखोगे तो समलैंगिक बनेंगे ओशो कहते हैं कि 18 साल की उम्र में कामवासना चरम पर होती है और ऐसे वक्त में सामाजिक व्यवस्था में लड़के और लड़कियों को एक दूसरे से दूर रखने की कोशिश की…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle

गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है तभी मैं अपने को असहाय पाता हूं OSHO 

ओशो – गरीब आदमी ओशो प्रेम नमन जी मुझसे लोग कहते हैं कि आप गरीबों के लिए क्यों नहीं कुछ करते? यहां आपके आश्रम में गरीब के लिए प्रवेश नहीं मिल पाता। ओशो― उसके पीछे कारण हैं। गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है…

Health, Lifestyle, Love, Vigyan Bhairav Tantra

उदासी, चिंता, क्रोध, क्लेश और हताशा, दुख के साथ एकमात्र समस्या यह है कि तुम इन सबसे छुटकारा पाना चाहते हो 

भावनाओं से मित्रता कहीं न कहीं यह भय है जो मुझे बंद कर देता है, और कठोर और हताश, क्रोधित और आशाहीन बना देता है। यह इतना सूक्ष्म है कि मैं वस्तुत: उसे छू नहीं सकता। मैं अधिक स्पष्टता से कैसे देख सकता हूं? कहीं…

Guide, Health, Lifestyle, Love

आदमी को, स्वाभाविक रूप से, एक शाकाहारी होना चाहिए, क्योंकि पूरा शरीर शाकाहारी भोजन के लिए बना है। 

शाकाहारी होना आदमी को, स्वाभाविक रूप से, एक शाकाहारी होना चाहिए, क्योंकि पूरा शरीर शाकाहारी भोजन के लिए बना है। वैज्ञानिक इस तथ्य को मानते हैं कि मानव शरीर का संपूर्ण ढांचा दिखाता है कि आदमी गैर-शाकाहारी नहीं होना चाहिए। आदमी बंदरों से आया है।…