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Author: osholifestyle

Motivation, Sex Osho Thought

ओशो: सेक्‍स से मुक्‍ति संभव ? Sex se mukti sambhav by OSHO 

प्रश्‍न—किसी ने ओशो से पूछा कि वह सेक्‍स से थक गया है। ओशो—सेक्‍स थकान लाता है। इसलिए मैं तुमसे कहता हूं कि इसकी अवहेलना मत करो। जब तक तुम इसके पागलपन को नहीं जान लेते, तुम इससे छुटकारा नहीं पा सकते। जब तक तुम इसकी…

Motivation, Sex Osho Thought

सेक्‍स नैतिक या अनैतिक – What is Sex by OSHO 

इनमें निश्‍चित संबंध है; संबंध बहुत सामान्‍य है। सेक्‍स का चरमोत्कर्ष और हंसी एक ही ढंग से होता है; उनकी प्रक्रिया एक जैसी है। सेक्‍स के चरमोत्कर्ष में भी तुम तनाव के शिखर तक जाते हो। तुम विस्‍फोट के करीब और करीब आ रहे हो।…

Lifestyle, Sex Osho Thought

सेक्स से मुक्ति: Sex Se Mukti by OSHO 

ओशो— सेक्‍स थकान लाता है। इसलिए मैं तुमसे कहता हूं कि इसकी अवहेलना मत करो। जब तक तुम इसके पागलपन को नहीं जान लेते, तुम इससे छुटकारा नहीं पा सकते। जब तक तुम इसकी व्‍यर्थता को नहीं पहचान लेते तब तक बदलाव असंभव है। यह…

OSHO Life style "Sex and Obscenity
Sex Osho Thought, Guide, Lifestyle

“कामवासना और अश्लीलता ! Sex and Obscenity” – ओशो 

अभी मैं एक गांव में था। और कुछ बड़े विचारक और संत-साधु मिल कर अश्लील पोस्टर विरोधी एक सम्मेलन कर रहे थे । तो उनका ख्याल है कि अश्लील पोस्टर लगता है दीवाल पर, इसलिए लोग कामवासना से परेशान रहते हैं। जब कि हालत दूसरी है,…

Guide, Sex Osho Thought

सेक्‍स और नैतिकता के संयोजन ने नैतिकता के सारे अतीत को विषैला कर दिया है: ओशो 

सेक्‍स से संबंधित किसी नैतिकता का कोई भविष्‍य नहीं है। सच तो यह है कि सेक्‍स और नैतिकता के संयोजन ने नैतिकता के सारे अतीत को विषैला कर दिया है। नैतिकता इतनी सेक्‍स केंद्रित हो गई कि उसके दूसरे सभी आयाम खो गये—जो अधिक महत्‍वपूर्ण…

Motivation, Sex Osho Thought

सेक्स पहली सीढ़ी और समाधि अंतिम छोर – OSHO 

प्रेम, एक ऐसा लफ्ज जो हमारे चारों ओर अक्सर सुनाई देता है, लेकिन विडंबना देखिए कि लोगों के मनों में जितना इसे खोजने जाएंगे, उतनी ही निराशा हाथ लगेगी। ऐसा क्यों है? ऐसा इसलिए है कि हमारे तथाकथित धर्म-गुरुओं और पथ-प्रदर्शकों ने उस चीज को…

Sex Osho Thought

हास्‍य और सेक्‍स के बीच क्‍या संबंध है– OSHO 

इनमें निश्‍चित संबंध है; संबंध बहुत सामान्‍य है। सेक्‍स का चरमोत्कर्ष और हंसी एक ही ढंग से होता है; उनकी प्रक्रिया एक जैसी है। सेक्‍स के चरमोत्कर्ष में भी तुम तनाव के शिखर तक जाते हो। तुम विस्‍फोट के करीब और करीब आ रहे हो।…

Music

विवाह दो शरीरों का हो सकता है, विवाह दो आत्‍माओं का नहीं। दो आत्‍माओं का प्रेम हो सकता है। OSHO 

तो मैंने समझा की अगर थोड़ी सह किरण से इतनी बेचैनी हुई तो फिर पूरे प्रकाश की चर्चा कर लेनी उचित है। ताकि साफ हो सके कि ज्ञान मनुष्‍य को धार्मिक बनाता है या अधार्मिक बनाता है। यह कारण था इसलिए यह विषय चुना। और…