Categories

By using our website, you agree to the use of our cookies.

Author: osholifestyle

Guide

ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र कौन हैं हम ? OSHO 

ओशो कहते हैं कि जहां तक मनु स्मृति मे वर्णित चार वर्णों की व्यवस्था का प्रश्न है, समाज को इस प्रकार की व्यवस्था में बाँटना बड़ा ही वैज्ञानिक प्रयोग था. यदि मनुष्यों के व्यक्तित्व के प्रकार की दृष्टि से देखें, तो पूरी समष्टि में चार…

Sex Osho Thought

मन वेश्या की तरह है। किसी का नहीं है मन। OSHO 

मन वेश्या की तरह है। किसी का नहीं है मन। आज यहां, कल वहां; आज इसका, कल उसका। मन की कोई मालकियत नहीं है। और मन की कोई ईमानदारी नहीं है। मन बहुत बेईमान है। वह वेश्या की तरह है। वह किसी एक का होकर…

Media and Publishing

नेटफ्लिक्‍स (Netflix) भगवान रजनीश (ओशो) पर ‘वाइल्ड वाइल्ड कंट्री’ शीर्षक से एक डॉक्‍यूमेंट्री सीरीज 

कौन हैं ओशो की करीबी मां आनंद शीला? जिनकी एक बार फिर हो रही चर्चा नेटफ्लिक्‍स सीरीज में रजनीश के आश्रम का भारत से अमरीका शिफ्ट होने की कहानी को दिखाया गया है. नेटफ्लिक्‍स (Netflix) ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म सीरीज ने हाल ही में भगवान रजनीश (ओशो)…

change
Sex Osho Thought

बिना सेक्स के किसी जीव की उत्त्पत्ति और वंश का विकास संभव नहीं है OSHO 

लेकिन एक प्रचलित संप्रदाय ऐसा है जो सेक्स की इजाजत हर इंसान को खुलेआम देता है. इस संप्रदाय के अनुसार जो जिसके साथ चाहे अपनी और उसकी मर्जी से खुलेआम सेक्स कर सकता है. आप सोच रहें हैं ऐसा कौन सा संप्रदाय है जिसमे सेक्स…

Guide

ज्योतिष के नाम पर सौ में से निन्यानबे धोखाधड़ी है। और वह जो सौवां आदमी है – OSHO 

ज्योतिष के नाम पर सौ में से निन्यानबे धोखाधड़ी है। और वह जो सौवां आदमी है, निन्यानबे को छोड़ कर उसे समझना बहुत मुश्किल है। क्योंकि वह कभी इतना डागमेटिक नहीं हो सकता कि कह दे कि ऐसा होगा ही। क्योंकि वह जानता है कि…

Guide

शांति की खोज | Hindi Osho Story About Search Of Peace 

कथा है कि चीन के सम्राट ने बोधिधर्म से पूछाः ‘मेरा चित्त अशांत है, बेचैन है। मेरे भीतर निरंतर अशांति मची रहती है। मुझे थोड़ी शांति दें या मुझे कोई गुप्त मंत्र बताएं कि कैसे मैं आंतरिक मौन को उपलब्ध होऊं।’’ बोधिधर्म ने सम्राट से…

Media and Publishing

चेतनमय यात्रा : ओशो, अमृता और नरेन्द्र मोदी 

मुझसे परिचय के प्रारम्भिक दौर में लोगों ने मुझे ओशो से दीक्षा पाई एक संन्यासन के रूप में पाया, जिसके लिए किसी व्यक्ति की चेतना उसके मज़हब की सीमा  से परे की बात है. बहुत से लोग जुड़े, मेरे वर्तमान से, फिर परिचित हुए मेरे…

Motivation

“मैं कौन हूं?” इसका कोई उत्तर नहीं है; यह उत्तर के पार है। 

तुम्हारा मन बहुत सारे उत्तर देगा। तुम्हारा मन कहेगा, तुम जीवन का सार हो। तुम अनंत आत्मा हो। तुम दिव्य हो,’ और इसी तरह के बहुत सारे उत्तर। इन सभी उत्तरों को अस्वीकृत कर देना है : नेति नेति–तुम्हें कहे जाना है, “न तो यह,…