लोग डरपोक हैं; उनके बारे में चिंता ना लो। तुम अपनी राह चलते रहो, अपनी राह पर नाचते हुए चलते रहो। सिर्फ एक बात याद रखो : जो कुछ भी अच्छा लगे, वह अच्छा है, जो कुछ भी सुंदर लगे सुंदर है, और जो कुछ भी तुम्हें आनंदित करे, प्रसन्न करे, खुश करे, वही सत्य है। इसे एक मात्र कसौटी बन जाने दो। दूसरों की राय की परवाह मत करो। इसे अपनी कसौटी बन जाने दो–जो कुछ भी तुम्हें प्रसन्न करता है वह निश्चित ही सत्य है। आनंद सत्य की एकमात्र कसौटी है।

People are cowards; don´t be worried about them. Go on your way, go on your way dancing. Remember only one thing: whatsoever feels good is good, whatsoever feels beautiful is beautiful, and whatsoever makes you joyful, gay, delighted, is truth. Let that be your only criterion. Don´t be bothered by others´ opinions. Let this be your only touchstone – whatsoever makes you happy is bound to be true. Ananda, bliss, is the only criterion of truth.

Osho, The Discipline of Transcendence, Vol. 2, Talk #10