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Category: Health

Health, Yoga

धरती की ओर वापसी | YOGA TIPS 

आधुनिक मनुष्य के लिए यह एक सर्वाधिक प्रचलित समस्या हो गई है; पूरी मनुष्यता  ऐसे पीड़ित हो रही है, जैसे उसकी जड़ें उखड़ गईं हों। जब तुम इसके प्रति जागरूक होओगे, तुम्हें अपने पैरों में सदैव एक कंपन, एक अनिश्चितता महसूस होगी, क्योंकि पैर वास्तव…

Health, Love, Motivation, Music

लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं । रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? OSHO 

कैसी-कैसी विडंबनाऐं(imitation) पेैदा हो जाती है। लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं, शायद पैसा देने से मिल जाएगा। रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? प्यार को तो खरीदा नहीं जा सकता। लोग सोचते हैं, जब हम…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation, Music...

पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 

बुनियादी भूल जो सारी शिक्षा और सारी सभ्यता को खाए जा रही है, वह यह है कि अब तक के जीवन का सारा निर्माण पुरुष के आसपास हुआ है, स्त्री के आसपास नहीं। अब तक की सारी सभ्यता, सारी संस्कृति, सारी शिक्षा पुरुष ने निर्मित…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation

स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 

पहली दफा दुनिया में एक स्वतंत्रता की हवा पैदा हुई है, लोकतंत्र की हवा पैदा हुई है और स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं। मगर मजा भी यह है कि पुरुषों की छाती पर साँप…

Health, Lifestyle, Osho On Topics, Sex Osho Thought, Yoga

जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 

भीतर मत लो श्वास को। क्योंकि जैसे भी तुम भीतर गहरी श्वास को लोगे, भीतर जाती श्वास काम-ऊर्जा को नीचे की तरफ धकाती है। जब तुम्हें काम-वासना पकड़े, तब एक्सहेल करो। बाहर फेंको श्वास को। नाभि को भीतर खींचो, पेट को भीतर लोग और श्वास…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Motivation, Osho On Topics, Sex Osho Thought...

पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 

स्त्री पहली बार चरित्रवान हो रही है—ओशो ओशो—तुम्‍हारे चरित्र का एक ही अर्थ होता है, बस कि स्‍त्री पुरूष से बंधी रहे, चाहे पुरूष कैसा ही गलत हो। हमारे शास्‍त्रों में इसकी बड़ी प्रशंसा की गई है। कि अगर कोई पत्‍नी अपने पति को—बूढ़े, मरते,…

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ओशो का कहना है कि व्यक्ति एक रात या दिन में कम से कम चार बार संभोग कर सकता है। OSHO 

ओशो कहते थे- लड़के-लड़कियों को अलग हॉस्‍टल में रखोगे तो समलैंगिक बनेंगे ओशो कहते हैं कि 18 साल की उम्र में कामवासना चरम पर होती है और ऐसे वक्त में सामाजिक व्यवस्था में लड़के और लड़कियों को एक दूसरे से दूर रखने की कोशिश की…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle

गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है तभी मैं अपने को असहाय पाता हूं OSHO 

ओशो – गरीब आदमी ओशो प्रेम नमन जी मुझसे लोग कहते हैं कि आप गरीबों के लिए क्यों नहीं कुछ करते? यहां आपके आश्रम में गरीब के लिए प्रवेश नहीं मिल पाता। ओशो― उसके पीछे कारण हैं। गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है…