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Category: Lifestyle

Guide, Lifestyle

भरपूर रस लो जीवन का | ताओ उपनिषद, भाग : 6 

लाओत्से कहता है : लोग अपने भोजन में रस लें। अपनी पोशाक सुंदर बनाएं। अपने घरों में संतुष्ट रहें। अपने रीति – रिवाज का मजा लें। लाओत्से यह कह रहा है, कर लो सब चीजें सरल; कुछ हर्जा नहीं है। भोजन में रस लो। न…

Lifestyle, Love

सैकड़ों चलते हैं लेकिन मुश्किल से एक पहुंचता है-वह भी दुर्लभ है | ओशो कथा सागर 

तिब्बत में यह प्राचीन कहावत है कि सैकड़ों चलते हैं लेकिन मुश्किल से एक पहुंचता है–वह भी दुर्लभ है..   मुझे एक प्राचीन तिब्बती कथा याद आती है… दो आश्रम थेः एक आश्रम तिब्बत की राजधानी लहासा में था और इसकी एक शाखा दूर कहीं…

Lifestyle

मैं नहीं चाहता कि तुम संपूर्ण हो जाओ। OSHO 

अमोघता (कभी गलत न होना) पूर्णता एक विक्षिप्त विचार है। अमोघता यानि कभी गलत न होने वाली बात मूर्ख पोलक पोप के लिए उचित है पर समझदार लोगों के लिए नहीं। बुद्धिमान व्यक्ति समझेगा कि जीवन एक जोखिम है, सतत खोज है प्रयास और गलतियों…

Lifestyle

ओशो – एक विवादित संन्यासी की जीवनकथा | Osho biography 

भगवान श्री रजनीश साधारणतः ओशो – Osho, आचार्य रजनीश और रजनीश के नाम से भी जाने जाते है, वे एक भारतीय तांत्रिक और रजनीश अभियान के नेता थे। अपने जीवनकाल में उन्हें एक विवादास्पद रहस्यवादी, गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक माना गया था। ओशो ने अपने…

Lifestyle, Motivation

बुद्धत्व और कुछ नहीं बस इतना ही है कि हर चीज वैसी ही है जैसी होनी चाहिए। OSHO 

बुद्धत्व यह बुद्धत्व की परिभाषा है: हर चीज वैसी ही है जैसी कि होनी चाहिए, हर चीज पूरी तरह से पूर्ण है जैसी है। यह अहसास…और अचानक तुम घर पर होते हो। कुछ भी बाकी नहीं बचता। तुम हिस्से हो, एक जैविक हिस्से हो इस…

Guide, Lifestyle, Love, Motivation

मुझे स्कालरशिप चाहिए थी। बजाय लंबे रास्तों के, मैं सीधे वाइस चांसलर के दफ्तर में पहुंच गया। OSHO 

मैं विश्वविद्यालय में शिक्षा के लिए भर्ती हुआ। मुझे स्कालरशिप चाहिए थी। बजाय लंबे रास्तों के, मैं सीधे वाइस चांसलर के दफ्तर में पहुंच गया। वाइस चांसलर ने कहा, यह ठीक नहीं है, जहां दरख्वास्त देनी है वहां दरख्वास्त दो, और समय पर तुम्हें उत्तर…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation, Music...

पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 

बुनियादी भूल जो सारी शिक्षा और सारी सभ्यता को खाए जा रही है, वह यह है कि अब तक के जीवन का सारा निर्माण पुरुष के आसपास हुआ है, स्त्री के आसपास नहीं। अब तक की सारी सभ्यता, सारी संस्कृति, सारी शिक्षा पुरुष ने निर्मित…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation

स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 

पहली दफा दुनिया में एक स्वतंत्रता की हवा पैदा हुई है, लोकतंत्र की हवा पैदा हुई है और स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं। मगर मजा भी यह है कि पुरुषों की छाती पर साँप…