70 के दशक में हैजा महामारी का रूप ले चुका था। तब अमेरिका में किसी ने ओशो रजनीश जी से प्रश्न किया कि-इस महामारी से कैसे  बचे ?  ओशो ने जो समझाया वो आज कोरोना के सम्बंध में भी बिल्कुल प्रासंगिक है।रजनीश ने कहा कि यह प्रश्न ही आप गलत पूछ रहे हैं, प्रश्न ऐसा होना चाहिए था कि महामारी  के कारण मेरे मन में मरने का जो डर बैठ गया है उसके सम्बन्ध में…