Guide

The guide is not outside, the guide is within you. One has to go deeper into one´s own being to find the guide. Once the inner guide is found there are no more mistakes, no repentance, no guilt. There is no question of doing good or doing bad; whatsoever one does is good. It is not a question of morality either; one´s very being is good and whatsoever comes out of it is good. One walks in light and one walks lightly because the head and the burden of the head is no more there. And when one walks in light and walks lightly, life becomes laughter, love, joy.

Once the guide is found, you have found the master within yourself.

वैराग्य नहीं , राग को गहरा करने की कला सीखना: ओशो

प्रेम के सौ रंग ————————————— मैं प्रेम—विरोधी नहीं हूं—यही मेरी देशना है। यही मेरा मौलिक संदेश है। मैं संसार—विरोधी नहीं हूं। मैं संसार के अति प्रेम में हूं। मैं तुम्हें वैराग्य नहीं सिखाता, मैं तुम्हें राग को गहरा करने की कला सिखाता हूं। मैं तुम्हें निषेध नहीं सिखाता कि तुम भागो और छोड़ो और जंगलों …

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श्वास ध्यान मे संबंध – ओशो

साधारणत: हम एक मिनट में कोई सोलह से लेकर बीस श्वास लेते हैं। ❣ _*ओशो*_ ❣ धीरे धीरे— धीरे धीरे झेन फकीर अपनी श्वास को शांत करता जाता है। श्वास इतनी शांत और धीमी हो जाती है कि एक मिनट में पांच.. .चार—पांच श्वास लेता। बस, उसी जगह ध्यान शुरू हो जाता। तुम अगर ध्यान …

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दुख पैदा होता है क्योंकि हम बदलाव को होने नहीं देते। OSHO

बदलाव दुख पैदा होता है क्योंकि हम बदलाव को होने नहीं देते। हम पकड़ते हैं, हम चाहते हैं कि चीजें स्थिर हों। यदि तुम स्त्री को प्रेम करते हो तो तुम चाहते हो की आने वाले कल में भी वह तुम्हारी रहे, वैसी ही जैसी कि वह तुम्हारे लिए आज है। इस तरह से दुख …

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तुम्हारे माता-पिता कुछ कर रहे थे क्योंकि उन्हें वे चीजें करना सिखाया गया था। OSHO

तुम्हारे माता-पिता तुम्हारे माता-पिता कुछ कर रहे थे क्योंकि उन्हें वे चीजें करना सिखाया गया था। उनका भी माता-पिता द्वारा पालन-पोषण हुआ; वे स्वर्ग से सीधे नहीं आए। इसलिए पीछे उत्तरदायित्व को डालने का क्या मतलबहै? यह किसी समस्या का हल करने में मदद नहीं करेगी। यह सिर्फ तुम्हें अपने अपराध बोध से हल्का करने …

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मुझे याद रखने की कोई आवश्यकता नहीं। आवश्यकता है कि तुम स्वयं को याद रखो। OSHO

मुझे भूल जाना में केवल यह चाहता हूं कि तुम मुझे क्षमा कर दो और भुला दो। मुझे याद रखने की कोई आवश्यकता नहीं। आवश्यकता है कि तुम स्वयं को याद रखो। लोगों ने गौतम बुद्ध, जीसस क्राइस्ट, कन्फ्यूशियस और कृष्ण को याद रखा। पर इससे उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। तो मैं चाहता हूं: …

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सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि हर आदमी किसी और जैसा होना चाह रहा है OSHO

किसी और जैसे बनने की कोशिश किस लिए? मनुष्य के साथ यह दुर्भाग्य हुआ है। यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है, अभिशाप है जो मनुष्य के साथ हुआ है कि हर आदमी किसी और जैसा होना चाह रहा है और कौन सिखा रहा है यह? यह षडयंत्र कौन कर रहा है? यह हजार-हजार साल से शिक्षा …

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मुझे स्कालरशिप चाहिए थी। बजाय लंबे रास्तों के, मैं सीधे वाइस चांसलर के दफ्तर में पहुंच गया। OSHO

मैं विश्वविद्यालय में शिक्षा के लिए भर्ती हुआ। मुझे स्कालरशिप चाहिए थी। बजाय लंबे रास्तों के, मैं सीधे वाइस चांसलर के दफ्तर में पहुंच गया। वाइस चांसलर ने कहा, यह ठीक नहीं है, जहां दरख्वास्त देनी है वहां दरख्वास्त दो, और समय पर तुम्हें उत्तर मिल जाएगा। मैंने कहा, अंततः आपको निर्णय करना है। व्यर्थ …

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पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO

बुनियादी भूल जो सारी शिक्षा और सारी सभ्यता को खाए जा रही है, वह यह है कि अब तक के जीवन का सारा निर्माण पुरुष के आसपास हुआ है, स्त्री के आसपास नहीं। अब तक की सारी सभ्यता, सारी संस्कृति, सारी शिक्षा पुरुष ने निर्मित की है, पुरुष के ढंग से निर्मित हुई है, स्त्री …

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