यह विधि गौतम बुद्ध की एक ध्यान-विधि पर आधारित है। यह सजगता, जागरूकता, होशपूर्णता और साक्षीत्व के अभ्यास के लिए है। ओशो की विपस्सना विधि नीरस न होकर एक सुखद, “रसपूर्ण” अनुभव है। विपस्सना ध्यान कई प्रकार से किया जा सकता है। निम्नलिखित ओशो की विपस्सना ध्यान-विधि एक घंटे की है और दो चरणों में विभाजित है। निर्देश:यह एक घंटे का ध्यान है और इसके दो चरण हैं। इसमें 45 मिनट तक बैठना है और उसके बाद 15 मिनट तक…