Categories
By using our website, you agree to the use of our cookies.

Osho Birthday: जब ओशो ने कहा, ‘दिल की सुनिए, ये सबसे बड़ा शिक्षक’

Osho Birthday and Motivational Quotes: ओशो (Osho) एक आध्‍यात्मिक विचारक के तौर पर जाने जाते हैं. 11 दिसंबर, 1931 को मध्य प्रदेश के कुचवाड़ा में उनका जन्म हुआ था. उन्‍होंने पूरी दुनिया को अध्यात्म से जोड़ा. जन्‍म के समय उनका नाम चंद्रमोहन जैन था. उन्‍हें आचार्य रजनीश के तौर पर भी जाना जाता है. बाद…

Continue reading

दुनिया को मौत सिखाने वाले ओशो मरे थे या मारे गए थे?

मृत्यु खतरनाक शब्द है. बहुतों के पसीने छूट जाते हैं ये शब्द सुनकर. बहुत लोग मरना ही नहीं चाहते. लेकिन, एक शख्स था जो मृत्यु का उत्सव मनाने की बात करता था. उसकी मौत के बाद उसके फ़ॉलोवर्स ने उत्सव मनाया भी. झूमे, नाचे, गाए. लेकिन इस शख्स की मौत विवादों से घिरी है. भारत…

Continue reading

कोरोना जैसी महामारियों से लड़ने के लिए ओशो दे गए ये ज्ञान, बहुत काम की है बात

70 के दशक में हैजा भी महामारी के रूप में पूरे विश्व में फैला था, तब अमेरिका में किसी ने ओशो रजनीश जी से प्रश्न किया- इस महामारी से कैसे बचें? तब ओशो ने विस्तार से जो समझाया वो आज कोरोना के संबंध में भी बिल्कुल प्रासंगिक है। ओशो ने कहा कि यह प्रश्न ही…

Continue reading

The Constellation of Osho’s family

THE FAMILY into which one is born – well, it certainly has a lot to say about the ground work of a person one becomes. Two person or three person families – pretty strange fare in pre-war India.  Families were big then! Osho was the eldest of 11 children!  (One wonders about his poor mother.) Osho…

Continue reading

SPEAKS ON ALL THE MYSTICS – OSHO Hindi Audio

“Osho does not teach any religion and does not belong to any particular religion. What he really teaches is religiousness – the real fragrance of all the flowers of existence, the Buddhas, the mystics and sages that this world has known. Osho has given thousands of discourses on all the well-known and not so known…

Continue reading

मन बहुत ही चालाक होता है, वो कुछ भी करता चला जाता है और उसे तर्कसंगत बनाता जाता है।

खिलावट “स्मरण रखें, ध्यान तुम में और-और प्रज्ञा लाएगा, अनंत प्रज्ञा, दीप्तिमान प्रज्ञा। ध्यान तुम्हें और जीवंत और संवेदनशील बना देगा। तुम्हारा जीवन समृद्ध हो जाएगा। “साधु-संतो को देखो: उनका जीवन ऐसा हो गया है जैसे कि वो जीवन ही नहीं। ये लोग ध्यानी नहीं हैं। ये अपने आप को सताने वाले लोग हैं, खुद…

Continue reading

Latest posts

Health, Lifestyle

कोरोना जैसी महामारियों से लड़ने के लिए ओशो दे गए ये ज्ञान, बहुत काम की है बात 

70 के दशक में हैजा भी महामारी के रूप में पूरे विश्व में फैला था, तब अमेरिका में किसी ने ओशो रजनीश जी से प्रश्न किया- इस महामारी से कैसे बचें? तब ओशो ने विस्तार से जो समझाया वो आज कोरोना के संबंध में भी…

Love, Health

मन बहुत ही चालाक होता है, वो कुछ भी करता चला जाता है और उसे तर्कसंगत बनाता जाता है। 

खिलावट “स्मरण रखें, ध्यान तुम में और-और प्रज्ञा लाएगा, अनंत प्रज्ञा, दीप्तिमान प्रज्ञा। ध्यान तुम्हें और जीवंत और संवेदनशील बना देगा। तुम्हारा जीवन समृद्ध हो जाएगा। “साधु-संतो को देखो: उनका जीवन ऐसा हो गया है जैसे कि वो जीवन ही नहीं। ये लोग ध्यानी नहीं…

Emotional Ecology, Health, Lifestyle

आधुनिक पीढ़ी “मौन में बैठने” की कोशिश करेगी, तो उन्हें अपने भीतर का पागलपन दिखाई पड़ेगा। 

ओशो समकालीन लोगों के लिए ध्यान, जागरूकता, चेतना उपलब्ध कराने में एक क्रांति का प्रतिनिधित्व करते हैं। और उस सरल प्रस्ताव का भी जो स्वयं के जीवन के बदलाव के लिए है… उनकी समझ है कि यदि आधुनिक पीढ़ी “मौन में बैठने” की कोशिश करेगी,…

Motivation, Health, Love, Music

लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं । रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? OSHO 

कैसी-कैसी विडंबनाऐं(imitation) पेैदा हो जाती है। लोग मुहब्बत के लिए वेष्याओं के पास जा रहे है। सोचते हैं, शायद पैसा देने से मिल जाएगा। रुपया देने से प्रेम कैसे मिल सकता है ? प्यार को तो खरीदा नहीं जा सकता। लोग सोचते हैं, जब हम…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation, Music...

पुरुष बिलकुल अधूरा है, स्त्री के बिना तो बहुत अधूरा है। OSHO 

बुनियादी भूल जो सारी शिक्षा और सारी सभ्यता को खाए जा रही है, वह यह है कि अब तक के जीवन का सारा निर्माण पुरुष के आसपास हुआ है, स्त्री के आसपास नहीं। अब तक की सारी सभ्यता, सारी संस्कृति, सारी शिक्षा पुरुष ने निर्मित…

Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Love, Motivation

स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं OSHO 

पहली दफा दुनिया में एक स्वतंत्रता की हवा पैदा हुई है, लोकतंत्र की हवा पैदा हुई है और स्त्रियों ने उद्‍घोषणा की है समानता की, तो पुरुषों की छाती पर साँप लौट रहे हैं। मगर मजा भी यह है कि पुरुषों की छाती पर साँप…

Health, Lifestyle, Osho On Topics, Sex Osho Thought, Yoga

जब कामवासना पकड़े , तब डरो मत। शांत होकर बैठ जाओ। जोर से श्वास को बाहर फेंको – OSHO 

भीतर मत लो श्वास को। क्योंकि जैसे भी तुम भीतर गहरी श्वास को लोगे, भीतर जाती श्वास काम-ऊर्जा को नीचे की तरफ धकाती है। जब तुम्हें काम-वासना पकड़े, तब एक्सहेल करो। बाहर फेंको श्वास को। नाभि को भीतर खींचो, पेट को भीतर लोग और श्वास…

Motivation, Emotional Ecology, Guide, Health, Lifestyle, Osho On Topics, Sex Osho Thought...

पत्‍नी अपने पति को वेश्‍या के घर पहुंचा दे तो हम कहते है: ‘’यह है चरित्र, देखो क्‍या चरित्र है। OSHO 

स्त्री पहली बार चरित्रवान हो रही है—ओशो ओशो—तुम्‍हारे चरित्र का एक ही अर्थ होता है, बस कि स्‍त्री पुरूष से बंधी रहे, चाहे पुरूष कैसा ही गलत हो। हमारे शास्‍त्रों में इसकी बड़ी प्रशंसा की गई है। कि अगर कोई पत्‍नी अपने पति को—बूढ़े, मरते,…

Sex Osho Thought, Guide, Health, Lifestyle

ओशो का कहना है कि व्यक्ति एक रात या दिन में कम से कम चार बार संभोग कर सकता है। OSHO 

ओशो कहते थे- लड़के-लड़कियों को अलग हॉस्‍टल में रखोगे तो समलैंगिक बनेंगे ओशो कहते हैं कि 18 साल की उम्र में कामवासना चरम पर होती है और ऐसे वक्त में सामाजिक व्यवस्था में लड़के और लड़कियों को एक दूसरे से दूर रखने की कोशिश की…

Guide, Emotional Ecology, Health, Lifestyle

गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है तभी मैं अपने को असहाय पाता हूं OSHO 

ओशो – गरीब आदमी ओशो प्रेम नमन जी मुझसे लोग कहते हैं कि आप गरीबों के लिए क्यों नहीं कुछ करते? यहां आपके आश्रम में गरीब के लिए प्रवेश नहीं मिल पाता। ओशो― उसके पीछे कारण हैं। गरीब जब भी मेरे पास पहुंच जाता है…